Sunday, November 16, 2008

फारसी भाषा

फारसी भाषा का महत्वा केवल वर्त्तमान में ही नही है बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसका महत्वा अतुल्य था । विदेशी भाषा होने के अतिरिक्त भाषा ने भारत पर सदियों तक राज किया ,और अपने शब्दों का एक अमिट प्रभाव छोर गया । आज भी भारत की भाषा हिन्दी में फारसी भाषा के अनेक शब्द पायें जातें है । इस भाषा का इतना प्रभावशाली होने के पीछे जो कारण है , अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटे तो हमें साफ पता चल जाता है ,क्योंकि भारत के इतिहास में मुग़लों के काल से ,और उससे भी पहले से इस भाषा का प्रयोग होता आ रहा है । कई राजाओं , महाराजाओं के शासन काल में यह प्रशासन के लिए एक मात्र उपयुक्त भाषा माना जाता रहा है । वर्त्तमान काल में यह भाषा इरान की एक प्रमुख भाषा है । यह भाषा इरान अफगानिस्तान ,उज़बेकिस्तान के दक्षिणी भाग , ताजिकिस्तान , जैसे क्षेत्रों में बोली जाती है । कई प्रसिद्ध कवि , गायक ,शायर ,जिन्होंनें इस दुनिया में एक अमिट छाप छोडा,इसी भाषा से ताल्लुक रखते थें ,इनमे से महा न कवि रूमी ,अब्दुल्लाह रहीम इत्यादि बहुत ही प्रसिद्द हैं । आज भी भारत के विभिन्न विद्यालय में और महाविद्यालय में इस भाषा की पढ़ाई जोरो शोरो से होती है । इसमे कोई संदेह नही की इस भाषा ने काफी तरक्की की और आगे भी इसका भविष्य उज्वल है ।

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